Monday, 18 September 2017

सफर साथ का
कीमत उन यादों की
पल जब इंतज़ार का हो
तो हमेशा देर कर देता हूं मै
इन समुंदर के साहिलों पे घर ना बनाओ
यहां तूफान बहुत आते हैं
खुला आसमान और तारे
ये अक्सर साथ निभाते हैं
ख़ामोश हूं क्यूंकि भरोसा खुद पे है जादा
आज मेरा खुद पे ये यकीन देखलो

- Rahul Srivastava

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