Monday, 18 September 2017

इंतज़ार ने एक तहजीब सीखा दी है,
मंज़िल की खूबसूरती और सफर की समझ ।
- Rahul Srivastava
सफर साथ का
कीमत उन यादों की
पल जब इंतज़ार का हो
तो हमेशा देर कर देता हूं मै
इन समुंदर के साहिलों पे घर ना बनाओ
यहां तूफान बहुत आते हैं
खुला आसमान और तारे
ये अक्सर साथ निभाते हैं
ख़ामोश हूं क्यूंकि भरोसा खुद पे है जादा
आज मेरा खुद पे ये यकीन देखलो

- Rahul Srivastava

Thursday, 7 September 2017

दोस्त

वक़्त है मेरा और घड़ी तेरे हाथ
खुली किताब मेरी और फिर आया एक शाम

जब जिक्र आया तेरा , हसरतें हुई गुलाम
एक सोच लेके तेरी पन्नों को मरहम बनाया फिर से आज

खुद को पतंग किया तेरी ख्वाइशों की डोर में
वो दिन पुराने हो गए नई यादों के साथ

- राहुल श्रीवास्तव

Winter Birds