Poets Who Blog
काश कि कुछ अल्फ़ाज़ हमें भी मिल जाए, बादल फिजा में ज़िन्दगी तस्वीर बन जाए,
जो परिंदे उडें हैं हौसले लिए, उम्मीद है कि उन्हें काफिलें मिल जाए ।
- R.S
No comments:
Post a Comment